नई दिल्ली

सूर्या रोशनी ने नई दिल्ली के पंजाबी बाग में भारत दर्शन पार्क में रंग बदलने वाली आरजीबी लाइट्स के साथ, 19 भारतीय स्मारकों की प्रतिकृतियों को रोशन किया

सूर्या रोशनी ने नई दिल्ली के पंजाबी बाग में भारत दर्शन पार्क में रंग बदलने वाली आरजीबी लाइट्स के साथ, 19 भारतीय स्मारकों की प्रतिकृतियों को रोशन किया

सूर्या रोशनी ने नई दिल्ली के पंजाबी बाग में भारत दर्शन पार्क में रंग बदलने वाली आरजीबी लाइट्स के साथ, 19 भारतीय स्मारकों की प्रतिकृतियों को रोशन किया

गोविंद कुमार नई दिल्ली

दिल्ली सरकार के ‘वेस्ट-टू-वंडर’ पहल के तहत बनी इन सारी प्रतिकृतियों को बेकार पड़ी चीजों का इस्तेमाल करके बनाया गया है
नई दिल्ली, 25 दिसंबर, 2021: भारत में लाइटिंग, होम अप्लायंसेस, स्टील पाइप्स और पीवीसी पाइप्स के सबसे प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ब्रांड में से एक, सूर्या रोशनी ने नई दिल्ली के पंजाबी बाग में स्थित भारत दर्शन पार्क में बने देशभर के 19 स्मारकों की मिनिएचर प्रतिकृतियों को रोशन किया। इसमें प्री-प्रोग्राम्ड रंग बदलने वाली स्‍मार्ट आरजीबीडब्‍लू फैकेड लाइट्स लगी हैं।


सूर्या रोशनी लिमिटेड इस प्रोजेक्ट की अवधारणा तैयार करने से लेकर उसे अमल में लाने तक की प्रक्रिया में शामिल था। साथ ही क्‍लाइंट की संतुष्टि से मेल खाने वाली स्‍मार्ट कलर-चेंजिंग लाइट्स की प्रोग्रामिंग भी इसके द्वारा की गई।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम के संरक्षण में बना यह पार्क दिल्ली सरकार के ‘वेस्ट टू वंडर’ पहल के तहत है और सारी प्रतिकृतियों को पुरानी तथा बेकार चीजों का इस्तेमाल करके तैयार किया गया है। माननीय गृह मंत्री और भारत के सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, 25 दिसंबर को आयोजित भारत दर्शन पार्क के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे।
पार्क में लगी 19 प्रतिकृतियों में शामिल हैं- ताजमहल (उत्तर प्रदेश), मैसूर पैलेस और हम्पी के मंदिर (कर्नाटक), विक्टोरिया पैलेस (पश्चिम बंगाल), चारमीनार (तेलंगाना), अजंता और एलोरा गुफाएं और गेटवे ऑफ इंडिया (महाराष्ट्र), कोणार्क मंदिर (ओडिशा), सांची स्तूप (मध्य प्रदेश), मोहब्बत का मकबरा (गुजरात), चार धाम (उत्तराखंड), कुतुब मीनार(दिल्ली), तवांग गेट (अरुणाचल प्रदेश), खजुराहो( मध्य प्रदेश),गोल गुंबज (कर्नाटक), हवा महल, नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार), मीनाक्षी मंदिर (तमिलनाडु) और बोधि वृक्ष (बिहार), शामिल हैं।
भारत दर्शन पार्क का निर्माण 22 महीनों में 8.5 एकड़ में फैले क्षेत्र में 350 मीट्रिक टन बेकार चीजों जैसे पुराने ऑटोमोबाइल पार्ट्स, लोहे की छड़, इस्तेमाल किये गये पंखे और बिजली के खंभे आदि का उपयोग करके किया गया था।
सूर्या वक्ता का कोट
दिल्ली सरकार/एसडीएमसी से कोट

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