नई दिल्ली

किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की इस तरह करें शिकायत, जानिए नया हेल्पलाइन नंबर❓

किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की इस तरह करें शिकायत, जानिए नया हेल्पलाइन नंबर❓

🛑किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की इस तरह करें शिकायत, जानिए नया हेल्पलाइन नंबर❓

गोविंद कुमार नई दिल्ली

👉जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी में इजाफा हो रहा है बैकिंग और वित्तीय काम भी ऑनलाइन (Online) होते जा रहे हैं.
👉 वहीं लोगों से किसी तरह की धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत करने के लिए कहा जाता हैं.
👉भारत सरकार ने इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) समेत ऑनलाइन फाइनेंस से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155260 जारी किया है.

🛑धोखाधड़ी होने पर क्या करें ❓

✅ऑनलाइन धोखेबाजी का शिकार होने के बाद पीड़ित को पुलिस अधिकारी द्वारा मैनेज हेल्पलाइन पर कॉल करना है. पीड़ित को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक औपचारिक शिकायत दर्ज करनी चाहिए.

✅जब दोनों घटना संबंधित वित्तीय संस्थानों तक जानकारी पहुंच जाती है तो एक टिकट रेज किया जाता है. यह फ्रॉड ट्रांजेक्शन टिकट जिस वित्तीय संस्थान से पैसा कटा (डेबिट हुआ) है और जिन वित्तीय संस्थान में गया (क्रेडिट हुआ) है दोनों के डैशबोर्ड पर नजर आता है.

✅जिस बैंक/वॉलेट में टिकट दिया गया होता है उसे फ्रॉड ट्रांजेक्शन की जानकारी के लिए जांच करनी होती है. अगर पैसा निकल गया है तो यह पोर्टल में ट्रांजेक्शन की जानकारी देता है और दूसरे वित्तीय संस्थान में जाता है.

🛑हेल्पलाइन नंबर 155260 (Helpline number 155260)

✅ऑनलाइन फ्रॉड संबंधित मामलों के लिए पीड़ित को 155260 डायल पर शिकायत करनी है.

✅जिस तरह से 112 हेल्पलाइन नंबर साइबर फ्रॉड के शिकार हुए लोगों की तुरंत मदद करता था.

✅उसी तरह इस नंबर से भी इमरजेंसी में मदद मिलेगी.

🛑मोबाइल वॉलेट की चाबी है यूपीआई पिन

✅यूपीआई पिन एक तरह से आपके मोबाइल फोन में दर्ज आपके बैंक खातों की चाबी होती है. अगर यह चाबी किसी और के हाथ लग जाए तो वह आपका अकाउंट खाली कर सकता है.

✅दरअसल, ऑनलाइन ट्रांजैक्सन के लिए UPI की सेवा लेनी होती है और इसके लिए एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है. इसे अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है. वर्चुअल पेमेंट एड्रेस आपका फाइनेंशियल एड्रेस बन जाता है. इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती है.

✅यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करने के लिए आपको यूपीआई की सुविधा देने वाले ऐप डाउनलोड करने होंगे. पेटीएम, फोनपे, गूगलपे, ऐमजॉन पे, भीम सहित कई ऐप पर यह सुविधा है. इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए बैंक अकाउंट से आपका मोबाइल नंबर जरूर लिंक होना चाहिए.

🛑ऑनालइन फ्रॉड

✅ये ठग लोगों को लॉटरी जीतने के नाम पर बेवकूफ बनाते हैं और लॉटरी के पैसे पाने के लिए एक लिंक भेजकर उस पर क्लिक करके यूपीआई पिन डालने के लिए कहते हैं. जैसे ही कोई आदमी इस लिंक पर यूपीआई पिन डालता है उसके बैंक खाते की डिटेल साइबर ठगों के पास चली जाती है और वे खाते से सारी रकम अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लेते हैं.

✅इस तरह की ठगी को ध्यान में रखते हुए एनपीसीआई समय-समय पर अलर्ट जारी करता है. एनपीसीआई का कहना है कि पैसे हासिल करने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती है. यूपीआई पिन का इस्तेमाल अपने अकाउंट से किसी और के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने या फिर किसी भुगतान के लिए किया जाता है. साफ है कि यूपीआई पिन का इस्तेमाल करने पर अकाउंट से पैसे कटते हैं, ना कि अकाउंट में पैसे आते हैं.

🛑जितना जल्दी हो सके फ्रॉड की शिकायत करें

यदि आप हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल करते हैं तो आपसे नाम, नंबर, और घटना की टाइमिंग पूछी जाएगी। बेसिक डिटेल्स लेकर इसे आगे संबंधित पोर्टल और उस बैंक, ई कॉमर्स के डैश बोर्ड पर भेज दिया जाएगा। साथ ही पीड़ित का जो बैंक है, उसको जानकारी शेयर की जाएगी। फ्रॉड होने के जितना जल्दी हो सके शिकायत करें। आप https://cybercrime.gov.in/ पर भी शिकायत कर सकते हैं।

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