नई दिल्ली

ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोल एक्जीक्यूटिव्स (एआईएसीई) और ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन (एआईसीपीए) ने कोयला पेंशनभोगियों की पेंशन में वृद्धि की मांग को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों को तेज कर दिया है।

ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोल एक्जीक्यूटिव्स (एआईएसीई) और ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन (एआईसीपीए) ने कोयला पेंशनभोगियों की पेंशन में वृद्धि की मांग को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों को तेज कर दिया है।

ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कोल एक्जीक्यूटिव्स (एआईएसीई) और ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन (एआईसीपीए) ने कोयला पेंशनभोगियों की पेंशन में वृद्धि की मांग को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों को तेज कर दिया है। यह तथ्य है कि सीएमपीएस-1998 के तहत पेंशन शुरू होने के बाद से, इसकी समीक्षा के प्रावधान के बावजूद, पूर्व में कोई वृद्धि नहीं की गई है और कई कोयला कर्मचारियों को 500/- रुपये से भी कम पेंशन मिल रहा है।

गोविंद कुमार नई दिल्ली

श्री पी के सिंह राठौर, संयोजक, एआईएसीई/एआईसीपीए ने बताया कि 4 मई, 2022 को वाराणसी शाखा से एआईएसीई और एआईसीपीए का एक प्रतिनिधिमंडल; जिसमें श्री एस एन सिंह, श्री के एन मिश्रा और श्री वाई एन सिंह शामिल थे; राज्यसभा (उत्तर प्रदेश) के सांसद माननीय श्री नीरज शेखर को उनके बलिया आवास पर अपना ज्ञापन सौंपा। उन्हें पेंशन की वर्तमान स्थिति और इसके स्थिर रहने के कारणों से अवगत कराया गया। वह हमारी बातों से आश्वस्त हो गए और उन्होंने माननीय कोयला मंत्री को पत्र लिखने का वादा किया।
श्री राठौर ने आगे बताया कि उनके सदस्य अब तक देश भर में 65 लोकसभा और राज्यसभा सांसदों से मिल चुके हैं और पेंशन वृद्धि के मुद्दे पर ज्ञापन सौंप चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगले दो महीनों में वे विभिन्न राज्यों और विभिन्न दलों के 200 सांसदों से संपर्क करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके सदस्य राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के पार्टी अध्यक्षों और कोयला उत्पादक राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संपर्क कर कोयला कर्मचारियों को पेंशन बढ़ाने और इसे महंगाई भत्ते से जोड़ने और इसे वेतन संशोधन का अभिन्न अंग बनाने की मांग का समर्थन हासिल करने का प्रयास करेंगे।

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