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एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बुलंदशहर प्रशासन के 30 वर्ष पुराने डीजल वाहन, चौधरी प्रवीण भारतीय

एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बुलंदशहर प्रशासन के 30 वर्ष पुराने डीजल वाहन, चौधरी प्रवीण भारतीय

एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं बुलंदशहर प्रशासन के 30 वर्ष पुराने डीजल वाहन, चौधरी प्रवीण भारतीय

संजीव भाटी उत्तर प्रदेश

5 मई 2022 बुलंदशहर :उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग एवं एनजीटी के नियम अनुसार दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में डीजल वाहन 10 वर्ष एवं पेट्रोल वाहन 15 वर्ष तक चला पाएंगे। अगर उससे अधिक समय तक चलाएंगे तो नियम अनुसार वाहन को जप्त किया जा सकता है लेकिन वही जनपद बुलंदशहर के जिला प्रशासन के अधिकारीयों के द्वारा लगभग 20 से 30 वर्ष पुराने डीजल वाहनों से चलकर प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं। इस दोहरी नीति के खिलाफ करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने एआरटीओ मोहम्मद कयूम को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि एक तरफ तो आम साधारण लोगों के वाहनों को उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग एवं पुलिस के द्वारा 10 एवं 15 वर्ष पुराने होने पर जप्त किया जा रहा है। लेकिन जिला प्रशासन की दोहरी नीति के कारण जनपद बुलंदशहर के कई अधिकारी 20 वर्ष से 30 वर्ष पुराने डीजल वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। जनपद बुलंदशहर के विकास भवन में कई डीजल की पुरानी जीप खड़ी हुई है जिन जीपों का उपयोग जिला स्तर के अधिकारी कर एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि साधारण लोगों के 10 वर्ष पुराने डीजल वाहन एवं 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को जप्त एवं चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एआरटीओ मोहम्मद कयूम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।

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